छत्तीसगढ़

शिक्षकों की कमी से परेशान छात्रों और अभिभावकों ने स्कूल पर ताला लगाकर बीईओ कार्यालय पहुंचाया

Shantanu Roy
6 Nov 2025 10:51 PM IST
शिक्षकों की कमी से परेशान छात्रों और अभिभावकों ने स्कूल पर ताला लगाकर बीईओ कार्यालय पहुंचाया
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Kanker. कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला तुरसानी में शिक्षक की गंभीर कमी के चलते छात्र और उनके अभिभावक विद्यालय के गेट पर प्रदर्शन करते हुए स्कूल की चाबी बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) कार्यालय सौंपने पहुंचे। छात्रों और अभिभावकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नियुक्त नहीं होते, तब तक वे स्कूल नहीं खोलेंगे। जानकारी के अनुसार, इस स्कूल में केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं। यही शिक्षक न केवल पढ़ाई कराते हैं, बल्कि स्कूल की सभी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को भी निभा रहे हैं। शिक्षक की इस एकल उपस्थिति के कारण स्कूल में नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों और अभिभावकों ने कहा कि पढ़ाई पर लगातार असर पड़ रहा है और बच्चों का शैक्षणिक स्तर गिरने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले ही स्कूल के एक अन्य शिक्षक के शराब के नशे में स्कूल आने का मामला सामने आया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया था। इस निलंबन के बाद स्कूल में केवल एक ही शिक्षक बचे हैं, जिससे पढ़ाई और स्कूल संचालन दोनों ही प्रभावित हुए हैं। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए छात्रों और अभिभावकों ने पैदल मार्च करके बीईओ कार्यालय पहुंचकर स्कूल की चाबी सौंप दी और शिक्षकों की नियुक्ति तक स्कूल को बंद रखने की चेतावनी दी। उनका कहना था कि यदि शिक्षक नियुक्ति जल्द नहीं हुई, तो बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होगी।
जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद ने बताया कि स्कूल में हुई घटना की जांच की जा रही है। वह इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि कैसे बच्चे और अभिभावक बिना किसी अनुमति के बीईओ कार्यालय तक पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि निलंबित शिक्षक के स्थान पर जल्द ही नए शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके और शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। निषाद ने यह भी कहा कि सरकार प्राथमिक शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है और शिक्षक नियुक्तियों के लिए आवश्यक प्रक्रिया तुरंत पूरी की जा रही है। उन्होंने अभिभावकों और छात्रों से अपील की कि वे धैर्य रखें और जल्द ही स्कूल में शिक्षा की सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू होंगी।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस कदम को शिक्षक कमी के प्रति चेतावनी के रूप में देखा। उनका कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक न होने के कारण बच्चों का भविष्य खतरे में है और प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। इस प्रकार, कांकेर जिले में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने और शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है। स्कूल बंद करने और बीईओ कार्यालय तक चाबी सौंपने की घटना राज्य में शिक्षक कमी की समस्या पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।
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